संपादकीय
मनुष्य के व्यक्तित्व की रचनात्मक अभिव्यक्ति ही उसे जीवंत एवं सतत् प्रगतिशील बनाती है, और विद्धार्थी जीवन में जब व्यक्तित्व एक अहम मुहाने पर खड़ा होता है, जब व्यक्ति युगद्रष्टा और परिवर्तन का आकांक्षी होता है, तब इसकी अहमियत भी बढ़ जाती है।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक होने की प्रक्रिया में, विशेषकर सामाजिक विज्ञान का प्रत्येक विद्यार्थी रचनाशील होता है, और इसी प्रक्रियागत व्यक्तित्व को मूर्तरुप देकर उसे परिपक्व बनाने के उद्देश्य से करीब 6 वर्ष पहले आचार्य नरेन्द्र देव छात्रावास के हमारे अग्रजों ने अंतःवासियों द्वारा ही गढ़े जाने वाले भित्ति-पत्रिका पहल की शुरुआत की थी, जो बाद में आयाम में परिवर्तित हुआ। इस प्रक्रिया के दौरान छात्रावास के प्रतिभावान अंतःवासियों और पूर्व अंतःवासियों ने इस पत्रिका को परिष्कृत किया, और इसे इसके वर्तमान स्वरुप तक पहुँचाया।
समय के साथ कदमताल करते हुए और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरुप इसके वर्तमान संपादक मंडल ने निर्णय लिया है कि इस भित्ति-पत्रिका को एक ब्लॉग-पोस्ट के तौर पर रुपांतरित कर दिया जाए, ताकि छात्रावास से दूरस्थ रह रहे लोग भी इसे पढ़ सके तथा अपने अनुभवों से इसके परिष्करण के लिए सुझाव दें।
हमें यह सूचित करते अपार हर्ष हो रहा है कि रचनात्मक की परंपरा को बरकरार रखते हुए हमारे छात्रावास ने इस बार अपने वार्षिक युवा महोत्सव अभिरंग 2019 के तहत कुल 23 प्रतियोगिताएँ आयोजित करवाई और इसके समापन सत्र में Alumni Meet का कार्यक्रम भी रखा गया। छात्रावास के ही अंतःवासियों ने एक क्विज क्लब Prometheans की स्थापना की है, जो विश्व-विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित करवाने में अपना कीर्तिमान स्थापित कर कहा है। साथ ही पूर्व में स्थापित सरस्वती पूजा एवं जन्माष्टमी जैसी सारी परंपराएँ बरकरार हैं। अपने अनुजों से हमें अपेक्षा है कि वे A.N.D. HOSTEL को निरंतर एक उच्च आयाम प्रदान करेंगे।
संपादक इस पत्रिका को वर्तमान मुकाम तक पहुँचाने के लिए इसके पूर्व संपादकों- विवेक व्दिवेदी, ऋषभ मिश्र, शिवम उत्तम, गुंजन कुमार एवं अन्य अग्रजों का आभार व्यक्त करता है। साथ ही सभी अग्रजों से आग्रह करता है कि वे निरंतर अपनी रचनाएँ aayamand@gmail.com पर भेजकर हमें लाभान्वित करते रहेंगे। वर्तमान सत्र में इस पत्रिका का संपादन विमलेंदु चौहान,कृष्ण नंदन के सहयोग से प्रतीक कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है । छात्रावास की नियमित गतिविधियों से रु-ब-रु होने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज ANDians एवं आयाम को भी जरुर like करें। हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि जिस पवित्रभाव के साथ इस पत्रिका का प्रतिष्ठान किया गया था, उसी भाव से आप अपनी रचनाएँ उपलब्ध कराते रहेंगे।
धन्यवाद !!!
-गुंजन कुमार
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