जुलाई, 2021
_____________________________________________ इस अंक में:- ▪️ संपादकीय ▪️ आँखें (कविता) ▪️ जिंदगी बहुत जी ली किताबें साथ में रखकर (ग़ज़ल) ▪️ In the direction of dilemma... ▪️ लब्ज़ों के सहारे जीने की खुशी क्या है (कविता) ▪️ लाख़ ढूढ़ने पर भी ख़ुद को ख़ुद सा नही मिलता (ग़ज़ल) ▪️ A New Remedy! ▪️ बात ज़ुबाँ पर कैसे लाएँ, हमको तुमसे प्यार हुआ है (गीत) ▪️ क्या बतायें हम तुम्हें किसके 'सहारे' साथ हैं (ग़ज़ल) ▪️ इंसानियत ____________________________________________________ 🗒️ संपादकीय इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक के अंतिम वर्ष 2020 की शुरुआत हो चुकी थी। सभी अपने-अपने तरीके से नववर्ष का स्वागत कर रहे थे। सेमेस्टर परीक्षा के पश्चात् होने वाली छुट्टियों को बिता छात्र छात्रावास को लौटने लगे लेकिन उन्हें क्या पता था कि सब के हाथ निराशा लगने वाली है। अपने पड़ोसी मुल्क चीन से ये खबर आई कि वहां के वुहान प्रदेश में एक वायरस का प्रकोप बदस्तूर जारी है, जिसे कोविड-19 नाम दिया गया। अचानक 30 जनवरी को भारत में कोविड-19 का पहला केस मिला और देखते ही देखते केस की तादाद में इजाफा होने लगा। इसी बीच मार्च म...